Rashtriya Swasthya Bima Yojana – भारत की केंद्रीय सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना को गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों और अव्यवस्थित क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए लाया गया है। इस योजना को भारत सरकार के श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा 1 अप्रैल 2008 को लाया गया था। इस योजना के तहत भारत सरकार द्वारा चयनित किए गए अस्पतालों से आवेदक स्वास्थ्य संबंधी इलाज की मुफ्त सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं।
व्यावसायिक स्वास्थ्य योजना की तुलना में राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना भारत सरकार द्वारा जनहित में लाया गया परिवर्तनात्मक कदम है| इस योजना के अंतर्गत निम्नलिखित सुविधाएं भारत सरकार द्वारा आवेदक को प्रदान की जाती है।
इसके अंतर्गत अस्पताल में भर्ती के समय जितने और जिस प्रकार के खर्चे आते हैं उन सभी में आवेदक की वित्तीय सहायता की जाती है जैसे कि – चिकित्सक परामर्श शुल्क, बेड शुल्क , नर्सिंग और बोर्डिंग शुल्क,बेहोशी की दवा, प्रत्यारोपण, परामर्श शुल्क, सर्जन के शुल्क, ऑक्सीजन, रक्त, ऑपरेशन थिएटर के शुल्क, डायग्नोस्टिक टेस्ट शुल्क, मरीज के भोजन का खर्चा और दवाइयां आदि।
इस योजना के अंतर्गत आवेदक मरीज को हॉस्पिटल में भर्ती होने से पहले का कवरेज भी दिया जाता है। जिसमें डायग्नोस्टिक दवाओं से संबंधित सभी खर्चे शामिल होते हैं।
बीमाकर्ता को हर बार भर्ती होने पर 100 रूपए परिवहन खर्च के लिए भी दिए जाते हैं। जो वार्षिक तौर पर अधिकतम ₹1000 है।
इस योजना के अंतर्गत दुर्घटना के कारण होने वाले दांत चिकित्सा के उपचार के लिए भी वित्तीय सहायता दी जाती हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के इस इलाज के अंतर्गत मरीज को 24 घंटों से कम हॉस्पिटल में रहना पड़ता है। जिसके अनुसार अग्रलिखित चिकित्सक सुविधाएं मरीज को प्रदान की जाती हैं।: दुर्घटना के कारण दांतो की सर्जरी, कान की सर्जरी, आंख की सर्जरी, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जरी, जननांग सर्जरी, हाइड्रो सर्जरी, हेमो डायलिसिस सर्जरी, रेडियो थैरेपी, प्रोटेस्ट सर्जरी, मूत्र प्रणाली की सर्जरी, पैरंटरल कीमोथेरेपी, गले की सर्जरी, नाक की शल्य चिकित्सा और लेप्रोस्कोपिक चिकित्सा सर्जरी
राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत प्राकृतिक और ऑपरेशन द्वारा दोनों ही प्रकार के मातृत्व के लिए सहायता प्रदान की जाती है। यदि बीमाकर्ता की डिलीवरी प्राकृतिक होती है तो उसे ₹2500 और यदि ऑपरेशन से होती है तो उसे ₹4500 की वित्तीय सहायता दी जाती है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत नवजात शिशु के लिए भी बीमा कवरेज की सुविधा का प्रावधान रखा गया है। यदि बीमाकर्ता के परिवार के लाभार्थियों की संख्या अधिक भी है तो उसे बढ़ा दी जाती है। जब तक यह बीमा योजना चलती है वह इसका लाभ उठा सकते हैं। यह बीमाकर्ता के ऊपर निर्भर करता है कि वह अपने नवजात शिशु का नाम कब दर्ज करवाते हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के साथ भागीदारी वाली बीमा कंपनियां नामांकन कार्यक्रम जारी करती हैं और पंजीकरण की तारीख से पहले सभी ग्राम स्तरीय सरकारी केंद्रों में उस सारणी को उपलब्ध करा दिया जाता है। जो इस योजना के पात्र होते हैं वह नामांकन कार्यक्रम में दी गई तिथि और समय पर नामांकन केंद्र पर पहुंचकर इस योजना के अंतर्गत पंजीकरण करवा सकते हैं। जब आपका नामांकन भर दिया जाता है तो पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के पश्चात 10 मिनट के अंदर आवेदक का एक आरएसबीवाई कार्ड बन जाता है। जिसमें बीमाकर्ता व्यक्ति का बायोमेट्रिक विवरण और कस्टमर केयर नंबर शामिल होता है। पंजीकरण की यह प्रक्रिया सरकारी अधिकारी, फील्ड अधिकारी और बीमा कंपनी के प्रतिनिधि सदस्य द्वारा पूरी की जाती है।
इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित पात्रता को पूरा करना अनिवार्य है :
जब आवेदक का इस योजना के अंतर्गत पंजीकरण हो जाता है तो उसे एक स्मार्ट कार्ड प्रदान किया जाता है जिसका उपयोग आवेदन की स्थिति जांचने के लिए कर सकता है। नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके आप आधिकारिक वैब साइट पर जा सकते हैं|
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