यदि कोई व्यक्ति नेशनल पेंशन स्कीम का लाभ उठाना चाहता है तो उसे पॉइंट ऑफ प्रेजेंट (POP) के साथ ही इसका खाता खोलना चाहिए। निजी तथा सार्वजनिक अधिकतर सभी बैंक पॉइंट ऑफ प्रेजेंट के रूप में कार्य करते हैं। कुछ और वित्तीय संस्थाएं भी यह कार्य करती हैं। आपके क्षेत्र में पॉइंट ऑफ प्रेजेंट कहां पर स्थित है इसका पता आप पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण की वैबसाइट से ले सकते हैं|
भारत का कोई भी नागरिक जिसकी आयु 18 से 60 के बीच हो इस योजना से जुड़ सकता है| केवल एक ही शर्त है कि उस व्यक्ति को अपने KYC के मानदंडों पूरा करना होता है| जिसमे उसका पूरा बुनियादी विवरण तथा बैंक के खाते के भी पूरी जानकारी आवश्यक है|
इसके लिए आपको नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) का पंजीकरण फॉर्म भरना होता है और अपनी पूरी जानकारी भरने के पश्चात पहचान पत्र, जन्मतिथि का प्रमाण पत्र जैसे कि ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, वोटर कार्ड और पासपोर्ट आदि प्रमाण जमा करने होते हैं|
नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस)के प्रत्येक खाताधारक को 12 विशिष्ट अंकों वाले नंबर का एक कार्ड उपलब्ध करवाया जाता है और उसे ही स्थायी सेवानिवृत्ति खाता संख्या या (PRAN) कहा जाता है।
नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) में दो प्रकार के खाते होते हैं। जिसमे पहले खाते को भरना अनिवार्य होता है और दूसरा खाता आपकी इच्छा पर निर्भर करता है| आप चाहे तो भर सकते हैं और नहीं भी| जिसे टियर 1 और टियर 2 कहते हैं| इन दोनों में मुख्य अंतर धनराशि की निकासी का है| पहले टियर में आप अपनी रेटायर्मेंट तक पूरी धनराशि को नहीं निकाल सकते हैं जबकि यहां तक कि रिटायरमेंट के बाद भी धनराशि की निकासी पर प्रतिबंध है परन्तु टियर 2 में पेंशनकर्ता अपनी पूरी धराशि को निकाल सकता है|
इसके लिए खाताधारक को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में टियर 1 खाते में कम से कम 6000 रूपए का योगदान करना आवश्यक है|
अगर कोई व्यक्ति न्यूनतम राशि का योगदान भी नहीं करता है तो उसका खाता फ्रीज़ कर दिया जाता है| उसके बाद अगर आप उसे जारी रखना चाहते हैं तो आपको POP जाना पड़ता है 100 रूपए के जुर्माने के साथ आवश्यक न्यूनतम राशि भी जमा करनी पड़ती है|
नहीं
एनपीएस में निवेश किए गए पैसों का प्रबंधन PFRDA -पंजीकृत पेंशन फंड मैनेजर्स द्वारा किया जाता है। वर्तमान में , आठ पेंशन फंड मैनेजर कार्य कर रहे हैं: आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल पेंशन फंड, एलआईसी पेंशन फंड, कोटक महिंद्रा पेंशन फंड, रिलायंस कैपिटल पेंशन फंड, एसबीआई पेंशन फंड, यूटीआई रिटायरमेंट सॉल्यूशंस पेंशन फंड, एचडीएफसी पेंशन मैनेजमेंट कंपनी और डीएसपी ब्लैकरॉक पेंशन फंड प्रबंधकों।
हाँ आप ऐसा कर सकते हैं, आप अपनी योजना पसंद और पेंशन निधि प्रबंधक को बदल सकते हैं। आप अपना निवेश विकल्प (सक्रिय और ऑटो विकल्प) भी बदल सकते हैं।
आप इसे इंटरनेट के माध्यम से देश के किसी भी कोने में बैठ कर वैबसाईट पर जाकर या मोबाइल ऐप के माध्यम से भी इस्तेमाल कर सकते हैं अर्थात नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) में ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध है|
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