बागेश्वरधाम बाबा का वास्तविक नाम धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री है| उनका जन्म 1996 को ज़िला छतरपुर मध्यप्रदेश में हुआ था| साधारण बालकों की तरह उन्होंने भी स्कूली और कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की थी परन्तु ईश्वर को कुछ और ही मंज़ूर था| उनके पिता और दादा कथावाचक थे| उन्हीं से प्रभावित होकर बागेश्वरधाम बाबा का ध्यान आध्यात्मिकता और धर्म की ओर झुकता गया| 9 वर्ष की आयु से उन्होंने अपने पिता और दादा के साथ कथावाचक के कार्यक्रम पर जाना शुरू कर दिया था| वर्ष 2009 में उन्होंने पहली बार अपने गाँव में कथा सुनाई थी| यहीं से उनके लिए आगे के दरवाज़े खुल गए| बाद में उन्हें मध्यप्रदेश में स्थित बागेश्वर धाम मंदिर में पदोन्नत कर दिया गया| उनके श्रद्धालुओं का मानना है कि वह बिना पूछे और जाने अपने श्रद्धालुओं की व्यथा बता देते हैं और उनके अंदर से नकारात्मक शक्तिओं का नाश भी करते हैं| वह अक्सर अपने बयानों के कारण चर्चा में बने रहते हैं| उनके श्रद्धालु उनका समर्थन करते हैं जबकि कुछ लोग उनका विरोध भी करते हैं| पहली बार उनका नाम तब समाचरों के विवादों में आया जब राष्ट्रीय अंधश्रद्धा निर्मल समिति के सदस्य श्याम मानव ने बागेश्वरधाम बाबा का को उनकी दिव्य शक्तियों की परीक्षा देने के लिए चैलेन्ज किया| वह हिन्दू संगठनों द्वारा चलाए जा रहे घर वापसी मुहीम का पुरज़ोर साथ देते हैं| जिसकी चर्चा वह अपने मंच के कईं बार कर चुके हैं| हिन्दू धर्म में उनके काम के लिए विभिन्न संगठनों द्वारा कईं पुरुस्कारों से सम्मनित किया जा चुका है|
बागेश्वरधाम बाबा का जन्म 4 जुलाई 1996 को गाँव – गदा, जिला छतरपुर मध्यप्रदेश में हुआ था| उनके पिता का नाम राम कृपाल गर्ग और माता का नाम सरोज गर्ग है| उनके दो भाई हैं जिनके नाम शालिग्राम गर्ग जी महाराज और सौरभ गर्ग है| इनकी एक छोटी बहन भी परन्तु उनका नाम ज्ञात नहीं है| वह हिन्दू सर्युपरिया ब्राह्मण परिवार से संबंध रखते हैं| इनके गुरु जी पंडित सेतु लाल गुरु जी/ श्री श्री 1008 और महाराज भगवान दास गर्ग हैं| उनके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी| इनका परिवार एक कच्चे मकान में रहता था बाद में उन्होंने उससे तुड़वाकर पक्का घर बनाया|
बागेश्वरधाम बाबा की स्कूली शिक्षा गाँव ही के हाई स्कूल गंज से हुई थी| बाद में उन्होंने स्नातक की शिक्षा प्राप्त के परन्तु उनके कॉलेज का नाम ज्ञात नहीं है|
| वास्तविक नाम | धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री |
| उपनाम | बागेश्वरधाम बाबा बागेश्वर धाम महाराज बागेश्वरधाम सरकार |
| बागेश्वरधाम बाबा की लोकप्रियता का कारण | बागेश्वर मंदिर छतरपुर मध्य प्रदेश के पीठाधीश |
| बागेश्वरधाम बाबा का जन्मदिन | 4 जुलाई 1996 |
| बागेश्वरधाम बाबा की आयु | 29 वर्ष |
| बागेश्वरधाम बाबा का जन्मस्थान | गाँव गदा, जिला – छतरपुर, मध्य प्रदेश भारत |
| बागेश्वरधाम बाबा का मूल नवास स्थान | गाँव गदा, जिला – छतरपुर, मध्य प्रदेश भारत |
| बागेश्वरधाम बाबा की राष्ट्रीयता | भारतीय |
| बागेश्वरधाम बाबा का धर्म | सनातन हिन्दू |
| बागेश्वरधाम बाबा की जातीयता | सरूपरिया ब्राह्मण |
| बागेश्वरधाम बाबा की शैक्षणिक योग्यता | 12 वीं |
| बागेश्वरधाम बाबा के स्कूल का नाम | हाई स्कूल गंज छतरपुर मध्य्प्रदेश |
| बागेश्वरधाम बाबा के कॉलेज का नाम | ज्ञात नहीं |
| बागेश्वरधाम बाबा की मासिक आय | 3.5 लाख रूपए के लगभग |
| बागेश्वरधाम बाबा की वार्षिक आय | 60 करोड़ रूपए से अधिक |
| बागेश्वरधाम बाबा की कुल संपत्ति | 20 करोड़ रूपए के लगभग |
| बागेश्वरधाम बाबा की वैवाहिक स्थिति | अविवाहित |
बागेश्वरधाम बाबा का शारीरिक माप (Body measurement of Bageshwardham Baba)
| बागेश्वरधाम बाबा की लम्बाई | 5 फ़ीट 7 इंच |
| बागेश्वरधाम बाबा का वज़न | 60 किलोग्राम |
| बागेश्वरधाम बाबा का शारीरिक माप | छाती 36 इंच, कमर 30 इंच, बाइसेप्स 14 इंच |
| बागेश्वरधाम बाबा की आँखों का रंग | काला |
| बागेश्वरधाम बाबा के बालों का रंग | काला |
| बागेश्वरधाम बाबा के पिता का नाम | राम किरपाल गर्ग |
| बागेश्वरधाम बाबा की माता का नाम | सरोज शास्त्री |
| बागेश्वरधाम बाबा के भाइयों के नाम | शालिग्राम गर्ग जी महाराज और सौरभ गर्ग |
| बागेश्वरधाम बाबा की बहन का नाम | ज्ञात नहीं |
बागेश्वरधाम बाबा का जन्म हिन्दू सरूपरिया परिवार में हुआ था| उनके पिता गाँव के मंदिर में कथावाचक थे| गाँव में एक शिव जी का मंदिर था और उनके दादा जी प्रयासों से पास में ही हनुमान जी के मंदिर की स्थापना भी कर दी गई| कुछ ही वर्षों में उस मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने लगी| बचपन से ही बागेश्वरधाम बाबा का ध्यान भी हनुमान जी की भक्ति में लीं होता गया| स्कूल जाने की आयु से ही उन्होंने यह निर्णय कर लिया था कि वह बड़े होकर एक कथावाचक बनेंगे| इसके लिए उन्होंने साधना करना भी शुरू कर दिया था| उनके दादा जी ने भी उनको ऐसा करने का परामर्श दिया था क्योंकि यह भगवान से संबंध साधने का मार्ग होता है| उन्होंने आधिकारिक तौर पर सध्गुरु सन्यासी बाबा और जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी महाराज के सानिध्य में रहकर साधना करना सीखा|
कुछ वर्षों में ही बागेश्वरधाम बाबा को सफलता मिली और उन्हें बागेश्वर धाम सरकार मंदिर का पीठाधीश बना दिया गया| यह मंदिर हनुमान जी को समर्पित है| यह मंदिर गाँव गदा, जिला छतरपुर मध्य प्रदेश में स्थित है| बागेश्वरधाम बाबा वहां एक दिव्या दरबार लगाते हैं| जिसके बारे में ऐसा माना जाता है कि वह उस दिव्य दरबार में शारीरिक, मानसिक, आर्थिक और सामाजिक तौर पर पीड़ितों के दुःख का निवारण उनके बिना बताए कर देते हैं|
राष्ट्रीय स्तर पर बागेश्वरधाम बाबा की ओर जनता का ध्यान तब गया जब राष्ट्रीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति नागपुर के सदस्य श्याम मानव ने बागेश्वरधाम बाबा पर उनकी दिव्य शक्तियों को साबित करने की चैलेन्ज किया और अंधविश्वास को बढ़ावा देने के आरोप में एफआईआर भी दर्ज करवाई गई| 20 जनवरी 2023 को बागेश्वरधाम बाबा के दिव्य दरबार में 500000 श्रद्धालु आए और 22 जनवरी 2023 को उनके समर्थन में श्रद्धालुओं ने दिल्ली में स्थित जंतर मंतर पर प्रोटैस्ट भी किया| पुलिस ने केस की छानबीन करने के पश्चात उस पर उन्हें क्लीन चित भी दे दी|
वर्ष 2021 में वह घर वापसी कार्यक्रम के तहत 300 ईसाई लोगों को सनातन धर्म में वापिस लाए|
नेता जी सुभाष चंद्र के जन्मदिन के अवसर पर बागेश्वरधाम बाबा ने अपने श्रद्धालुओं को यह नारा दिया कि “ तुम मेंरा साथ दो, हम हिन्दू राष्ट्र बनाएंगे|
एक बार फिर बागेश्वरधाम बाबा का नाम विवाद में तब सामने आया जब उनके छोटे भाई शालिग्राम गर्ग कल्लू अहिरवार के घर शादी के दिन कट्टा लेकर अपने साथियों के साथ फायरिंग करने लगे| पीड़ित परिवार ने शालीग्राम गर्ग के खिलाफ पोलिस में एफआईआर भी दर्ज कराई|
4 जुलाई 1996
29 वर्ष
गाँव गदा, जिला – छतरपुर, मध्य प्रदेश भारत
3.5 लाख रूपए के लगभग
60 करोड़ रूपए से अधिक
20 करोड़ रूपए के लगभग
अविवाहित
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